बुद्धिमान लकड़हारा और लालची सेठ की कहानी | Rochak Naitik Kahani


बुद्धिमान लकड़हारा और लालची सेठ की कहानी

    बुद्धिमान लकड़हारा और लालची सेठ की कहानीबहुत समय पहले की बात है। एक घने जंगल के किनारे रामू नाम का एक लकड़हारा रहता था। रामू बहुत गरीब था, लेकिन दिल का बहुत साफ और ईमानदार था। वह रोज जंगल से लकड़ी काटकर लाता और बाजार में बेचकर अपना गुजारा करता था।

    लालची सेठ की चालउसी गांव में एक बहुत लालची सेठ रहता था जिसका नाम था धनपत। सेठ को हमेशा दूसरों की चीज हड़पने की आदत थी।एक दिन सेठ ने देखा कि रामू एक बहुत मोटा और कीमती सागौन का पेड़ काट रहा है। सेठ के मन में लालच आ गया। 

वह तुरंत रामू के पास गया और बोला: 

"अरे रामू! ये पेड़ मेरा है। मैं तुम्हें 10 रुपये दूंगा। लकड़ी मुझे दे दो।"रामू ने कहा: "सेठ जी, ये पेड़ सरकारी जंगल का है। ये किसी का नहीं है। मैं इसे काटकर मंडी में 50 रुपये में बेचूंगा।"सेठ गुस्से में बोला: "अगर नहीं दी तो देख लेना। मैं राजा से शिकायत कर दूंगा।"

    लकड़हारे की बुद्धिमानीरामू डर गया। रात भर उसे नींद नहीं आई। अगले दिन सुबह उसने एक तरकीब सोची।वह उस पेड़ की लकड़ी के 4 बराबर टुकड़े करके बाजार ले गया। उसने हर टुकड़े पर एक कागज चिपका दिया।पहले टुकड़े पर लिखा: "ये लकड़ी 10 रुपये की है"

दूसरे पर: "ये लकड़ी 15 रुपये की है"

तीसरे पर: "ये लकड़ी 20 रुपये की है"

चौथे पर: "ये लकड़ी 50 रुपये की है"लोग हैरान रह गए। सब पूछने लगे "ऐसा क्यों?" रामू मुस्कुराकर बोला: "भाइयों, ये वही लकड़ी है जिसे सेठ जी 10 रुपये में खरीदना चाहते थे। बाकी दाम इसलिए लिखे हैं क्योंकि सेठ जी कहते हैं कि राजा को शिकायत करने का दाम भी अलग-अलग होता है।" 5 मिनट में बात पूरे बाजार में फैल गई।

    सेठ की हारथोड़ी देर में सिपाही सेठ को पकड़कर ले आए। राजा के दरबार में सेठ की खूब बेइज्जती हुई। राजा ने सेठ से पूछा: "तुम एक गरीब की मेहनत क्यों छीनना चाहते थे?" सेठ के पास कोई जवाब नहीं था। राजा ने सेठ पर 500 रुपये का जुर्माना लगाया और वो सारे पैसे रामू को दे दिए। रामू ने उन पैसों से अपना छोटा सा लकड़ी का कारोबार शुरू किया और धीरे-धीरे गांव का सबसे इज्जतदार आदमी बन गया।

इस कहानी से सीखें-

ईमानदारी सबसे बड़ी ताकत है।

लालच करने वाला हमेशा हारता है।

समस्या का हल गुस्से से नहीं, बुद्धि से निकलता है।

रामू लड़ता तो हार जाता, लेकिन दिमाग से जीता। सच ज्यादा दिन छुपता नहीं। एक छोटी सी तरकीब ने सेठ का सारा घमंड तोड़ दिया।

Quiz for Readers अगर आपकी जगह रामू होता तो आप क्या करते?

A. डरकर लकड़ी दे देते

B. राजा के पास सीधे जाते

C. रामू जैसी तरकीब करते  Comment में A, B, C लिखिए।

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