मनुष्य ईश्वर की अनमोल कृति - Man is Gods Precious Creation
जो बीत चुका है, उस पर विलाप करने से क्या लाभ और जो अभी उपस्थित नहीं है उसकी कल्पना के जाल क्यों बुनना? माह बीत जाता है कैलेण्डर से पन्ना फाड़ देते हैं, वर्ष बीत जाता है तो कैलेण्डर को ही हटा देते हैं, लेकिन व्यक्ति अपने भीतर पलने वाली उत्तेजना को, अनर्गल विचारों को, दूसरों के प्रति होने वाले वैमनस्य को हटा नहीं पाता। यह भय और आशंका हमारे साहस, आत्मविश्वास व इच्छाशक्ति को नष्ट कर देती है। इस तरह की किसी भी समस्या का समाधान उसका मूल कारण जानकर ही हो सकता है। मनुष्य ईश्वर की अनमोल कृति है। ईश्वर ने उसे हर समस्या एवं आपदा से लड़ने के लिए मन-मस्तिष्क, हाथ-पैर प्रदान किए है। अतः मनुष्य को उपयोगिता ज्ञात होनी चाहिए। जीवन को वापस प्राप्त कीजिए, यह बहुत बड़ी चुनौती है हमारे सामने। अमावस्या की अंधेरी रात हो, एक हाथ में सूई हो और दूसरे हाथ में धागा हो, अचानक बिजली चमके और हम सावधान रहकर सूई में धागा पिरो दे, ऐसी यह चुनौती है। हमें इसे स्वीकारना ही होगा।
- Nitin Lakade
- Prajapat Nagar, Indore

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